Indira Mahila Shakti Udyam Protsahan Yojana Kya Hai
भारत में महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए केंद्र और राज्य सरकारें लगातार नई योजनाएँ ला रही हैं। राजस्थान सरकार ने भी महिलाओं को स्वरोजगार, उद्यमिता और आर्थिक मजबूती देने के उद्देश्य से एक महत्वपूर्ण योजना शुरू की है, जिसका नाम है इंदिरा महिला शक्ति उद्यम प्रोत्साहन योजना।
यह योजना विशेष रूप से उन महिलाओं के लिए बनाई गई है जो खुद का व्यवसाय शुरू करना चाहती हैं, लेकिन पूंजी, मार्गदर्शन और सरकारी सहायता के अभाव में आगे नहीं बढ़ पातीं।
इस लेख में हम विस्तार से जानेंगे कि इंदिरा महिला शक्ति उद्यम प्रोत्साहन योजना क्या है, इसका उद्देश्य क्या है, लाभ, पात्रता, आवेदन प्रक्रिया, जरूरी दस्तावेज, और इससे जुड़ी पूरी जानकारी।
इंदिरा महिला शक्ति उद्यम प्रोत्साहन योजना क्या है?
इंदिरा महिला शक्ति उद्यम प्रोत्साहन योजना राजस्थान सरकार की एक महिला केंद्रित योजना है, जिसके अंतर्गत महिलाओं को स्वरोजगार एवं लघु उद्यम स्थापित करने के लिए वित्तीय सहायता, सब्सिडी और प्रशिक्षण दिया जाता है।
इस योजना का मुख्य लक्ष्य है –
👉 महिलाओं को नौकरी मांगने वाली नहीं बल्कि नौकरी देने वाली बनाना।
यह योजना Rajasthan Government द्वारा चलाई जाती है और इसका फोकस ग्रामीण एवं शहरी दोनों क्षेत्रों की महिलाओं पर है।
योजना का नाम “इंदिरा” क्यों रखा गया?
इस योजना का नाम भारत की प्रथम महिला प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के नाम पर रखा गया है, जो महिला सशक्तिकरण और आत्मनिर्भर भारत की मजबूत समर्थक थीं। इस नाम का उद्देश्य महिलाओं में आत्मविश्वास और नेतृत्व भावना को बढ़ाना है।
इंदिरा महिला शक्ति उद्यम प्रोत्साहन योजना का उद्देश्य
इस योजना को शुरू करने के पीछे राजस्थान सरकार के कई सामाजिक और आर्थिक उद्देश्य हैं:
- महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाना
- महिला उद्यमिता को बढ़ावा देना
- बेरोजगारी की समस्या को कम करना
- ग्रामीण महिलाओं को स्वरोजगार से जोड़ना
- स्वयं सहायता समूह (SHG) को मजबूत करना
- महिलाओं को बैंकिंग और डिजिटल लेनदेन से जोड़ना
इस योजना के अंतर्गत कौन-कौन से व्यवसाय शुरू किए जा सकते हैं?
महिलाएँ इस योजना के तहत कई प्रकार के लघु एवं सूक्ष्म उद्योग शुरू कर सकती हैं, जैसे:
- ब्यूटी पार्लर / ब्यूटी सर्विस
- सिलाई, कढ़ाई, बुटीक
- डेयरी व्यवसाय
- अगरबत्ती, मोमबत्ती निर्माण
- मसाला उद्योग
- फूड प्रोसेसिंग यूनिट
- टिफिन सेवा / कैटरिंग
- पापड़, अचार, नमकीन निर्माण
- मोबाइल रिपेयरिंग
- ई-कॉमर्स आधारित छोटा व्यवसाय
इंदिरा महिला शक्ति उद्यम प्रोत्साहन योजना के लाभ
इस योजना के अंतर्गत महिलाओं को कई प्रकार के लाभ दिए जाते हैं:
1. आर्थिक सहायता
महिलाओं को व्यवसाय शुरू करने के लिए सरकारी अनुदान (Subsidy) और आसान शर्तों पर ऋण दिया जाता है।
2. सब्सिडी का लाभ
योजना के तहत 25% से 50% तक सब्सिडी मिल सकती है, जो व्यवसाय के प्रकार पर निर्भर करती है।
3. प्रशिक्षण सुविधा
महिलाओं को उद्यमिता विकास प्रशिक्षण (EDP) दिया जाता है ताकि वे अपने व्यवसाय को सफलतापूर्वक चला सकें।
4. बैंक ऋण में सहायता
सरकार बैंकों के माध्यम से महिलाओं को लोन दिलाने में मदद करती है।
5. स्वयं सहायता समूहों को प्राथमिकता
SHG से जुड़ी महिलाओं को इस योजना में विशेष लाभ दिया जाता है।
योजना के तहत मिलने वाली वित्तीय सहायता (अनुमानित)
| व्यवसाय प्रकार | सहायता राशि |
|---|---|
| सूक्ष्म उद्योग | ₹50,000 – ₹2 लाख |
| लघु उद्योग | ₹2 लाख – ₹10 लाख |
| समूह आधारित व्यवसाय | ₹10 लाख तक |
नोट: राशि व्यवसाय की प्रकृति और पात्रता पर निर्भर करती है।
इंदिरा महिला शक्ति उद्यम प्रोत्साहन योजना की पात्रता
इस योजना का लाभ लेने के लिए महिला आवेदक को निम्न शर्तें पूरी करनी होंगी:
- आवेदक राजस्थान की स्थायी निवासी हो
- आवेदक महिला की आयु 18 से 55 वर्ष के बीच हो
- परिवार की वार्षिक आय सरकार द्वारा निर्धारित सीमा के अंदर हो
- महिला स्वयं सहायता समूह से जुड़ी हो (यदि लागू)
- पहले से किसी समान सरकारी योजना का लाभ न लिया हो
आवश्यक दस्तावेज
आवेदन करते समय निम्न दस्तावेज जरूरी होंगे:
- आधार कार्ड
- जन आधार कार्ड
- निवास प्रमाण पत्र
- आय प्रमाण पत्र
- बैंक पासबुक
- पासपोर्ट साइज फोटो
- व्यवसाय योजना (Project Report)
- मोबाइल नंबर
इंदिरा महिला शक्ति उद्यम प्रोत्साहन योजना में आवेदन कैसे करें?
ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया
- राजस्थान सरकार की आधिकारिक वेबसाइट पर जाएँ
- महिला एवं बाल विकास / उद्योग विभाग सेक्शन खोलें
- “इंदिरा महिला शक्ति उद्यम प्रोत्साहन योजना” लिंक चुनें
- नया पंजीकरण करें
- आवेदन फॉर्म भरें
- दस्तावेज अपलोड करें
- फॉर्म सबमिट करें
ऑफलाइन आवेदन प्रक्रिया
- नजदीकी महिला एवं बाल विकास कार्यालय
- जिला उद्योग केंद्र (DIC)
- ब्लॉक कार्यालय
योजना से जुड़ी कुछ महत्वपूर्ण बातें
- योजना पूरी तरह पारदर्शी है
- किसी भी एजेंट या दलाल से बचें
- सभी सेवाएँ सरकारी पोर्टल से उपलब्ध हैं
- प्रशिक्षण लेना अनिवार्य हो सकता है
इंदिरा महिला शक्ति उद्यम प्रोत्साहन योजना क्यों जरूरी है?
आज भी भारत में लाखों महिलाएँ हुनर होने के बावजूद आर्थिक सहायता के अभाव में व्यवसाय शुरू नहीं कर पातीं। यह योजना उन्हें:
- आत्मविश्वास देती है
- सम्मानजनक जीवन जीने का अवसर देती है
- परिवार की आर्थिक स्थिति मजबूत करती है
योजना से जुड़े अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)
FAQ 1: इंदिरा महिला शक्ति उद्यम प्रोत्साहन योजना किस राज्य की योजना है?
यह योजना राजस्थान सरकार द्वारा चलाई जा रही है।
FAQ 2: क्या इस योजना का लाभ ग्रामीण महिलाएँ ले सकती हैं?
हाँ, ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्र की महिलाएँ पात्र हैं।
FAQ 3: क्या बिना SHG के भी आवेदन किया जा सकता है?
कुछ मामलों में हाँ, लेकिन SHG से जुड़ी महिलाओं को प्राथमिकता मिलती है।
FAQ 4: इस योजना में कितनी सब्सिडी मिलती है?
व्यवसाय के अनुसार 25% से 50% तक सब्सिडी मिल सकती है।
FAQ 5: क्या इस योजना में प्रशिक्षण जरूरी है?
हाँ, अधिकांश मामलों में प्रशिक्षण अनिवार्य है।
FAQ 6: आवेदन की अंतिम तिथि क्या है?
तिथि समय-समय पर बदलती रहती है, इसलिए आधिकारिक सूचना देखें।
FAQ 7: क्या एक महिला दो बार इस योजना का लाभ ले सकती है?
नहीं, योजना का लाभ केवल एक बार ही दिया जाता है।
FAQ 8: क्या बैंक लोन गारंटी सरकार देती है?
सरकार कुछ हद तक सहायता करती है, लेकिन अंतिम निर्णय बैंक का होता है।
FAQ 9: क्या यह योजना 2026 में भी लागू है?
हाँ, योजना को आगे भी जारी रखने का प्रस्ताव है।
FAQ 10: आवेदन रिजेक्ट होने पर क्या दोबारा अप्लाई कर सकते हैं?
हाँ, सुधार करके दोबारा आवेदन किया जा सकता है।
निष्कर्ष
इंदिरा महिला शक्ति उद्यम प्रोत्साहन योजना राजस्थान की महिलाओं के लिए एक बेहद उपयोगी और सशक्तिकरण आधारित योजना है। यदि आप या आपके परिवार की कोई महिला स्वरोजगार शुरू करना चाहती है, तो यह योजना आपके लिए सुनहरा अवसर हो सकती है।


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